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अदृश्य दुकान: AI के ज़माने में अपना कारोबार खोजे जाने की कहानी (GEO)

छोटे कारोबारियों के लिए यह क्यों ज़रूरी है?
AI खोज इंजन आपकी वेबसाइट का नाम कब लेता है?
कौन से बदलाव आपको AI में दिखाते हैं?

सारांश: पहले जान लें, फिर पढ़ें

AI जनित खोज अनुकूलन (GEO) का मतलब है अपने कारोबार की जानकारी को इस तरह लिखना और सजाना कि AI आधारित खोज इंजन जैसे Google AI Overviews, Perplexity और Bing Copilot उसे समझें, भरोसा करें, और अपने जवाब में आपका नाम लें। पुरानी खोज पद्धति में लक्ष्य था कि आपकी वेबसाइट की कड़ी सूची में सबसे ऊपर आए। नई खोज पद्धति में लक्ष्य है कि AI जब किसी ग्राहक का सवाल जवाब दे, तो वह जवाब बनाने के लिए आपकी वेबसाइट को अपना सबूत माने। छोटे और सूक्ष्म कारोबारियों के लिए यह इंटरनेट पर दिखने का सबसे बड़ा नया मौका है।

मुख्य तथ्य जो याद रखें:

  • KDD '24 शोध के अनुसार, आंकड़े और विशेषज्ञ उद्धरण जोड़ने से AI में दिखाई देने की संभावना 40% तक बढ़ सकती है।

  • जो छोटी वेबसाइटें यह नई पद्धति अपनाती हैं, उनकी AI में उपस्थिति 115% तक बढ़ सकती है।

  • एक ही शब्द को बार-बार दोहराने से AI पर कोई असर नहीं पड़ता।

AI के ज़माने में अपना कारोबार खोजे जाने की कहानी (GEO) omemy.com

कहानी शुरू होती है प्रिया की रसोई से

पूरे मोहल्ले में सबसे अच्छे समोसे प्रिया बनाती थी। जो भी एक बार खाता, तारीफ किए बिना नहीं रहता। तीन साल से उसका घरेलू खानपान का काम चल रहा था। शादियाँ, दफ्तर का दोपहर का खाना, जन्मदिन की पार्टियाँ, सब जगह उसका नाम था। लेकिन वह चाहती थी कि और ग्राहक आएँ।

तो उसने वही किया जो सबने बताया। वेबसाइट बनाई। उसमें भर-भरकर खोज के लिए ज़रूरी शब्द डाले। "best samosas London", "affordable Indian catering near me" जैसी पंक्तियाँ हर जगह लिखीं। और इंतज़ार करने लगी।....फोन नहीं आया।


जब भतीजी ज़ारा आई चाय पीने

एक दोपहर उसकी भतीजी ज़ारा आई। डिजिटल विपणन की पढ़ाई करती थी। चाय पीते-पीते बोली:

"मासी, एक सवाल। आजकल जब आपको कोई अच्छा बिजली मिस्त्री ढूंढना हो, तो क्या आप दस वेबसाइट खोलकर पढ़ती हैं?"

प्रिया ने सोचा। "नहीं, मैं तो उस AI वाली चीज़ से पूछती हूँ जो सीधे जवाब दे देती है।"

"बस यही तो बात है मासी। आपने जो दुकान सजाई है, वो उस गली में है जहाँ लोग अब जाते ही नहीं।"

प्रिया ने भौंहें चढ़ाईं। "मतलब?"

ज़ारा ने समझाया। "पहले इंटरनेट की खोज एक बड़ी पुस्तकालय सूची की तरह काम करती थी। वह बहुत सारी कड़ियाँ दिखाती थी और आप क्लिक करके पढ़ते थे। लेकिन अब AI आधारित खोज इंजन खुद इंटरनेट पर सब पढ़कर एक पूरा जवाब तैयार करते हैं। जैसे किसी बहुत पढ़े-लिखे पड़ोसी से पूछो और वो सीधे बता दे।"

"तो कोई वेबसाइट नहीं खोलता?"

"कम होता जा रहा है। AI ने पहले ही सारा काम कर दिया।"

"और मेरी समोसे वाली वेबसाइट?"

ज़ारा ने धीरे से कहा। "AI को पता ही नहीं कि वो है।"


नीली कड़ियों से एक सीधे जवाब तक

इसे ऐसे समझिए। पुरानी खोज ऐसी थी जैसे किसी सामुदायिक सूचना पट्ट पर सौ पर्चे लगे हों। आप खुद जाकर पढ़ो, चुनो, फैसला करो।

नई AI खोज ऐसी है जैसे आपने अपने सबसे जानकार पड़ोसी से पूछा। वो पर्चों का ढेर नहीं देते। सीधे बोलते हैं: "अरे, West London में अच्छा भारतीय खानपान चाहिए तो Southall में एक बहुत बढ़िया जगह है।"

वो पड़ोसी ही AI है। और सवाल यह है कि वो आपका नाम लेता है या आपके प्रतिद्वंद्वी का?

यही है AI जनित खोज अनुकूलन (GEO)। इसका मतलब है यह सुनिश्चित करना कि जब AI किसी ग्राहक के सवाल का जवाब दे, तो वह जवाब बनाने के लिए आपकी वेबसाइट को अपना सबूत माने। सिर्फ एक कड़ी नहीं, बल्कि असली जानकारी का स्रोत।

पुरानी पद्धति बनाम नई पद्धति: छोटे कारोबारी के लिए क्या बदला?

आप क्या करना चाहते हैं

पुरानी खोज पद्धति

नई AI पद्धति

ऑनलाइन खोजे जाना

एक ही शब्द बार-बार लिखना

साफ बताएं कि क्या, किसके लिए, कहाँ

सफलता मापना

वेबसाइट पर कितने लोग आए

AI में आपके नाम का कितनी बार ज़िक्र हुआ

बड़े प्रतिद्वंद्वियों से आगे निकलना

दूसरी वेबसाइटों से कड़ियाँ जोड़ना, जो बिना बजट के मुश्किल है

सबसे सटीक और ईमानदार जानकारी लिखना

मुख्य पृष्ठ लिखना

स्वागत संदेश और अपनी कहानी से शुरू करना

सबसे ज़रूरी जानकारी पहले लिखना

संख्याओं का उपयोग

"हम बड़े और छोटे सभी आयोजन करते हैं"

"हम 30 से 300 लोगों के लिए खानपान करते हैं"

ग्राहक समीक्षाएं

सितारा रेटिंग जमा करना

नाम सहित, विस्तृत और असली प्रशंसापत्र लेना


पुरानी तरकीबें AI पर काम क्यों नहीं करतीं?

"लेकिन मैंने तो सही शब्द लिखे थे!" प्रिया ने थोड़ा नाराज़ होकर कहा।

ज़ारा ने समझाया। "पुराने खोज इंजन बस शब्द ढूंढते थे। जैसे किसी दस्तावेज़ में कोई शब्द तलाशना। जो शब्द मिला, वो पृष्ठ ऊपर आया।"

"लेकिन AI अलग तरह से सोचता है। वो शब्द नहीं, मतलब खोजता है। उसे पता है कि 'दफ्तर के लिए भारतीय नाश्ता', 'कार्यालय की पार्टी के लिए छोटे व्यंजन', और 'समोसा खानपान लंदन', तीनों एक ही बात हैं।"

इसी को कहते हैं अक्षरों की खोज से अर्थ की खोज की तरफ जाना (Strings to Things)। AI शब्दों की गिनती नहीं करता, वो समझता है।

जब AI आपकी वेबसाइट पढ़ता है, वो यह नहीं देखता कि "समोसा" शब्द कितनी बार है। वो पूछता है: क्या मुझे समझ आया यह कारोबार क्या करता है? किनके लिए करता है? यह भरोसेमंद है? अगर जवाब हाँ है, तो आपका नाम आता है। अगर नहीं, तो आप अदृश्य हैं।


AI जवाब कैसे ढूंढता है? रसोई वाला उदाहरण

"ठीक है, लेकिन AI तय कैसे करता है कि किसे शामिल करे?" प्रिया ने पूछा।

ज़ारा ने सोचकर जवाब दिया। "एक कुशल रसोइए की तरह सोचो जो माँग पर खाना बनाती है। ग्राहक आया और बोला, 'कुछ गर्म चाहिए, ज़्यादा तीखा नहीं, थोड़ा कुरकुरा।' वो रसोइया एक ही जगह से सब कुछ नहीं लेती। तीन-चार भरोसेमंद जगहों से सामग्री उठाती है, मिलाती है, और एक बढ़िया थाली पेश करती है।"


AI ठीक यही करता है। तीन कदमों में समझिए:


पहला कदम: माँग समझो। AI पहले यह समझता है कि ग्राहक असल में क्या पूछ रहा है।

दूसरा कदम: सबसे अच्छी सामग्री उठाओ। AI दर्जनों वेबसाइटें पढ़ता है और सबसे उपयोगी, स्पष्ट और भरोसेमंद जानकारी निकालता है। यहाँ ध्यान दें: अगर आपकी वेबसाइट अस्पष्ट है, लंबे-लंबे बेकार वाक्यों से भरी है, तो AI उसे छोड़ देता है। जैसे रसोइया मुरझाया हुआ साग नहीं उठाती।

तीसरा कदम: पकाओ और परोसो। AI सब जानकारी मिलाकर एक जवाब बनाता है और जिन स्रोतों से लिया, उनका नाम देता है। इन नामों को कहते हैं उद्धरण (Citations)। नए ज़माने में यही उद्धरण (Citations) आपकी पहले नंबर की जगह है।

"तो मुझे AI की रसोई में सबसे ताज़ी और उपयोगी सामग्री बनना है," प्रिया ने कहा।

ज़ारा ने हँसकर उँगली उठाई। "अब समझ आई बात।"


क्या काम करता है? वो दो चीज़ें जो सच में असर डालती हैं

KDD '24 की शोध रिपोर्ट में यह बात साफ सामने आई। पुरानी तरकीबें, जैसे शब्द बार-बार दोहराना, लंबे-लंबे फालतू अनुच्छेद लिखना, "हम गुणवत्ता के प्रति समर्पित हैं" जैसी आम बातें, AI पर लगभग कोई असर नहीं डालतीं।

जो दो चीज़ें असल में काम करती हैं और AI में दिखाई देने की संभावना को 40% तक बढ़ा सकती हैं, वो हैं:

"आंकड़े जोड़ना और विश्वसनीय उद्धरण शामिल करना सबसे प्रभावी रणनीतियाँ हैं। पारंपरिक शब्द-आधारित तरकीबें AI में दिखाई देने की संभावना में नगण्य सुधार दिखाती हैं।" — arXiv / KDD '24 शोध, AI जनित खोज अनुकूलन

पहली: असली संख्याएं और आंकड़े

यह मत लिखिए: "हम बड़े आयोजनों के लिए खानपान करते हैं और ग्राहक हमेशा खुश रहते हैं।"

यह लिखिए: "प्रिया की रसोई ने 2021 से अब तक पश्चिमी लंदन में 200 से अधिक कार्यालय आयोजनों में खानपान किया है, जिसमें 30 से 300 मेहमान शामिल थे।"

AI को विशेष जानकारी पसंद है। संख्याएं उसके लिए सबसे आसान सबूत हैं।


दूसरी: नाम सहित, विश्वसनीय प्रशंसापत्र

सिर्फ "पाँच सितारे, बहुत अच्छा!" नहीं चलेगा। कुछ ऐसा चाहिए:

"हमारे 80 लोगों के वार्षिक भोज को प्रिया की रसोई ने सँभाला। सामग्री की ताज़गी और खान-पान संबंधी ज़रूरतों पर ध्यान देखकर हर मेहमान प्रभावित हुआ।" यह कहना था रोहन मेहता का, संचालन निदेशक, TechFlow Solutions Ltd.

एक नाम वाला, विशिष्ट प्रशंसापत्र AI को बताता है कि यह जानकारी असली जीवन में सच है। और AI इसी को ढूंढता है।

"तो कविता नहीं, सबूत चाहिए," प्रिया बोली।

"बिल्कुल सही। पत्रकार की तरह लिखो, कवि की तरह नहीं।"


वेबसाइट को मसालों की व्यवस्थित अलमारी बनाओ

एक और बात थी जो ज़ारा समझाना चाहती थी। यह इस बारे में थी कि वेबसाइट दिखती कैसी है।

"एक अच्छी तरह सजी रसोई में सब कुछ सही जगह होता है। जीरा अलग, धनिया अलग, राई अलग। जहाँ सब एक ही डिब्बे में हो, वहाँ रसोइया दूसरी दुकान पर चली जाती है।"

आपकी वेबसाइट वैसी ही होनी चाहिए। AI एक बार में आपका पूरा पृष्ठ नहीं पढ़ सकता। वो एक छोटी खिड़की से झाँकता है। अगर आपकी सबसे ज़रूरी जानकारी तीन अनुच्छेदों के पीछे दादी की रेसिपी की कहानी में दबी है, तो AI की खिड़की बंद हो जाएगी।

इसका हल है: सबसे ज़रूरी बात सबसे पहले।

यह मत लिखिए: "प्रिया की रसोई में आपका स्वागत है! मैं बचपन से खाना बनाती आई हूँ, जब माँ पंजाब में आटा गूंधती थीं..."

यह लिखिए: "प्रिया की रसोई, पश्चिमी लंदन में कार्यालय आयोजनों, शादियों और निजी पार्टियों के लिए ताज़ा भारतीय खानपान देती है। हम 30 से 300 मेहमानों के लिए शाकाहारी, gluten-free और जैन विकल्पों सहित अनुकूलनीय थाली तैयार करते हैं।"

पहला अनुच्छेद ही वो है जो AI पकड़ता है। उसे काम का बनाइए।


छोटे कारोबारी के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी

प्रिया चुप बैठी थी। फिर बोली: "ज़ारा, यह सब तो बड़ी कंपनियों के लिए फायदेमंद लगता है। उनके पास पैसे हैं, लोग हैं।"

ज़ारा ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाया। "नहीं मासी। यही तो सबसे अच्छी बात है।"

पुरानी खोज पद्धति में बड़ी कंपनियाँ इसलिए जीतती थीं क्योंकि हज़ारों वेबसाइटें उन्हें जोड़ती थीं। एक छोटे कारोबारी के पास वो नहीं होता।

लेकिन AI सिर्फ लोकप्रियता नहीं देखता। वो सामग्री पढ़ता है। और शोध बताती है कि यह नई पद्धति अपनाने वाली छोटी वेबसाइटें 115% तक अधिक दिखने लगती हैं, जबकि बड़ी, आम और सबके लिए लिखी गई वेबसाइटें पिछड़ जाती हैं।

AI सबसे प्रासंगिक जवाब को इनाम देता है, सबसे लोकप्रिय वेबसाइट को नहीं।

जो छोटा कारोबारी अपने ग्राहकों को गहराई से जानता है और ईमानदारी से, विशेष जानकारी दे सकता है, उसके लिए यह इंटरनेट ने सालों में पहली बार इतना बराबरी का मैदान बनाया है।


भरोसे का सवाल: इसे मत छोड़िए

"एक आखिरी बात," ज़ारा ने कहा। "और यह सिर्फ तरकीब नहीं, यह नैतिकता की बात भी है।"

AI खोज इंजन एक भरोसे की छलनी के साथ काम करते हैं। यानी एक ऐसा फिल्टर जो पूछता है: क्या यह स्रोत विश्वसनीय है? क्या यह ईमानदार है? क्या इसमें असली जानकारी है?

इसके चार पहलू हैं जिन्हें विशेषज्ञ E-E-A-T कहते हैं। प्रिया की रसोई के लिए इसका मतलब है:

अनुभव (Experience): यह दिखाएं कि आपने यह काम सच में किया है। तस्वीरें, आयोजनों की संख्या, कितने साल से काम कर रहे हैं।

विशेषज्ञता (Expertise): अपने काम की गहरी जानकारी दिखाएं। सामग्री, तरीके, आपका खाना अलग क्यों है।

प्रामाणिकता (Authority): किसी स्थानीय पत्रिका, सूची या सामुदायिक वेबसाइट पर आपका ज़िक्र आए।

विश्वसनीयता (Trust): जो दावे कर सकते हैं वही करें। नकली समीक्षाएं मत बनाएं। AI को धोखा देने की कोशिश मत करें।

जैसा ज़ारा ने कहा: "पहले अपने ग्राहक के लिए लिखो। साफ, सच और उपयोगी। फिर उसे इस तरह व्यवस्थित करो कि AI आसानी से पढ़ सके। इसी क्रम में।"


प्रिया ने क्या किया?

उस हफ्ते प्रिया ने अपना मुख्य पृष्ठ फिर से लिखा। सबसे पहले एक स्पष्ट, विशेष विवरण डाला कि वो क्या करती हैं और किनके लिए। असली आयोजनों के आंकड़े जोड़े। तीन पुराने ग्राहकों से नाम सहित प्रशंसापत्र लिए। हर सेवा के लिए अलग खंड बनाया, हर खंड एक साफ जवाब की तरह।

एक पैसा नहीं खर्च किया।

छह हफ्ते बाद, Brentford की एक प्रौद्योगिकी कंपनी के आयोजन समन्वयक का फोन आया।

"मैंने AI से पश्चिमी लंदन में भारतीय खानपान के बारे में पूछा था। आपका नाम बहुत विवरण के साथ आया। बहुत भरोसेमंद लगा।"

AI ने प्रिया की वेबसाइट को अपना सबूत माना था।

समोसे, जैसा हमेशा होता था, लाजवाब थे। लेकिन अब सही लोगों को उनके बारे में पता चल रहा था।


याद रखें: छोटे कारोबारियों के लिए सार

यह नई पद्धति (GEO) क्या है? यह वो तरीका है जिससे आपकी जानकारी AI की खोज के जवाबों में शामिल होती है। कड़ियों की सूची में नाम नहीं, बल्कि AI के जवाब में सबूत बनना।

यह ज़रूरी क्यों है? ग्राहक अब दस वेबसाइट नहीं खोलते। AI से सीधे पूछते हैं। अगर AI आपको नहीं जानता, आप अदृश्य हैं।

क्या करें:

  • सबसे ज़रूरी जानकारी सबसे पहले लिखें। इंतज़ार करवाएं नहीं।

  • अस्पष्ट तारीफों की जगह असली संख्याएं और नाम सहित प्रशंसापत्र डालें।

  • वेबसाइट को साफ खंडों में बाँटें। एक खंड, एक विषय।

  • ईमानदारी से और अपनी असली जानकारी से लिखें।

  • हर अनुच्छेद को ऐसे लिखें जैसे वो अकेले एक सवाल का जवाब दे रहा हो।


दुकान गायब नहीं हुई है। बस एक नई जगह चली गई है। और पहली बार, छोटे, ईमानदार, विशेष कारोबारियों के पास बड़ी कंपनियों से आगे निकलने का असली मौका है।


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